मलिक संजीव (नयागांव) : नयागांव के नाडा में ऐक दिवसीय शरीर व वातावरण को ध्यान मे रखते हुऐ होली के उत्सव के लिये हर्बल रंगो को बनाने की वर्कशाप वन विभाग के रेंज अधिकारियों द्वारा अयोजित की गई । जिसमें डी एफ ओ कंवरदीप सिंह के निर्देशों अनुसार किया गया ।जो कि महिलाओ द्वारा बनाई गई संस्था सैल्फ हैल्प ग्रुप की महिलाओ के भविष्य के लिये उत्तम व आमदनी का ऐक प्रबल साधन सिध्द होगा । यह महिलाऐं अपने घरों में यह हर्बल रंग बनाने का काम कर सकती है ।हर साल होली के उत्सव में कैमिकलों के रंगों का प्रयोग होता है । जिससे हमारी शरीर की त्वचा को हानी पहुंचती है । अब बिना केमिकलों के यह साधरण तरीको से हर्बल रंग बनाये जा सकते है ।वन विभाग द्वारा इस सरल बिधी द्वारा रंग तैयार करने के लिये लगाई गई वर्कशाप में लगभग 100 से अधिक महिलायें हाजिर थी ।जिन वस्तोओं से हम केमिकल रहित हर्बल रंग बना सकते है उनका विवरण यह है । 1-आनार का जूस,2-किक्कर की छाल का काडा,3-मोंलसरी की छॅक का काडा,4-पालक ,सालाद पत्ता या धनियां की पत्तियो का रस,5- चुकंदर का जूस, 6- हल्दी पवडर,7-अरारोट का पावडर आदि । इनसे प्रप्त रंग 1-भूरा रंग -किक्कर का छक्क तथा अरारोट पावडर,2-लाल रंग आनर का जूस तथा अरारोट पावडर , 3- मैरूनी रंग ,चुकंदर का जूस तथा अरारोट पावडर 4- हरा रंग ,पालक व धनियां व सालाद की पत्तियो का रस और अरारोट पावडर, 5- पीला रंग हल्दी पावडर तथा अरारोट पावडर को मिला कर यह सभी हर्बल रंग बनाये
जा सकते है । इनको बनाने के लिये माहिर विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के वातावरण कोआरडीनेटर श्री ओम प्रकाश मनोली जी ,सरकारी मॉडल सिनियर स्कूल सैक्टर-46 डी की कैमिस्ट्री अध्यापिका श्रीमति बलजिन्द्र कौर,तथा विषय माहिर अनम द्वारा इस वर्कशाप का रिर्सोस परषण के लिये शमिल हुऐ । इन सभी ने इन हर्बल रंगों को बनाने की विधी बताई तथा इनका डेमों भी दिया । होली उत्सव के रंगो को सिखने आई महिलाओं ने खुद श्ह हर्बल रंग बना कर भी देखे । इसके साथ परिक्षण ले रही महिलाओ को सारी समग्री भ उपलब्ध करवाई गई । वन रेंज अधिकारी श्री बलजिन्द्र सिंह तथा सिंसवां के वन रेंज आफिसर सतविन्द्र सिंह भी इस वर्कशाप में हाजिर थे । इन दोनों अधिकारियो ने बताया कि इस प्रकार के अयोज हमार वन विभाग समय-समय पर करता रहेगा जिससे समाज की वेहतरी की जा सके । श्री ओम प्रकाश मनोली जी ने इस समय बताया कि उक्त वातावरण तथा शरीर की त्वचा के लिये यह केमिकल रहित हर्बल गुलाल तथा रंगो का प्रयोग करना ज्यादा बेहतर है । इससे तो पानी को र्बबाद होने से रोकना होगा ।इस वर्कशाप में सैल्फ हैल्प ग्रुप की 100 से अधिक महिलोओ ने भाग लिया । वन विभाग के फारेस्ट गार्ड श्री कंवरदीप सिंह,फैलीमीसीटेटर श्री सुनील कुमार तथा वन रेंज मोहाली के कर्मचारी भी सम्लित थे । नयागांव नाडा के पुर्व पर्षदतथा फारेस्ट कमेटी के प्रधान कृष्ण बिल्ला,पार्षद हरमेश नटटू, र्निमल सिंह निम्मI,आम आदमी पार्टी का सिनियर नेता जगतार सिंह ग्गगी सहित वहुत से गणमान्य लोग हाजिर थे ।


























