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आठ फरवरी को कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के खिलाफ राज्य स्तरीय हड़ताल में शामिल होंगे कार्यकर्ता

 -पंजाब सरकार भर्ती और आउटसोर्स अनुबंध के आधार पर कर्मचारियों के स्थायी रोजगार की व्यवस्था करे -मेजर सिंह अकालगढ़

 *तीन माह की वेतन रोक के विरोध में 6 जनवरी 2023 को कार्यपालन यंत्री मंडल संख्या (3) मोहाली में भी प्रदर्शन किया जाएगा*

     रविन्द्र भाटिया नयागांव / राजेश कुमार (चण्डीगढ) :  नयागांव में संगठन के ‘मांग पत्र’ में पिछले कई वर्षों से जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग में भर्ती एवं आउटसोर्सिंग के तहत सेवाएं दे रहे कर्मियों को अनुभव एवं अनुभव के आधार पर विभाग में शामिल किया गया है. जल आपूर्ति एवं स्वच्छता ठेका श्रमिक यूनियन पंजाब (रजि. 31) द्वारा गठित ‘सब-कमेटी’ के सदस्य-सह-मंत्रियों के खिलाफ शुरू की गई हड़ताल के तहत 8 फरवरी, 2023 को हलका अजनाला में स्थायी रोजगार दिया गया। पंजाब सरकार ने सभी मांगों को हल करने के लिए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के घर के सामने परिवारों और बच्चों के साथ राज्य स्तरीय धरने में शामिल होने की घोषणा की है.

 आज जल आपूर्ति एवं स्वच्छता ठेका कर्मचारी संघ पंजाब के जिला महासचिव पंजी संख्या 31 राम कुमार खीरी जट्टां, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरमुख सिंह व रवि प्रकाश नवांगांव. कहा कि आम लोगों के हित का दावा करने वाली वर्तमान पंजाब सरकार भी कॉरपोरेट हितों की सेवा के लिए सरकारी विभागों का निजीकरण कर रही है और इससे पहले पंजाब की सत्ता पर राज करने वाली पिछली सरकारों की तरह लोगों को अंधाधुंध लूट रही है। के लिए नीतियां लागू कर रहा है, जिसके तहत नहरी पानी के बहाने पूरे पंजाब में बड़ी कंपनियों के सहयोग से ब्लॉक और जिला स्तरीय मेगा प्रोजेक्ट लगाकर पंचायतीकरण के नाम पर निजीकरण की नीतियां लागू की जा रही हैं.  जब परियोजना पूरी हो जाती है, व्यक्तिगत

 कंपनियां लोगों को अंधाधुंध लूटेंगी, जल आपूर्ति विभाग में हजारों की संख्या में भर्ती व आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं और उनका कच्चा रोजगार छीनकर उन्हें बेरोजगारी की ओर धकेलने का प्रयास किया जा रहा है.  जनविरोधी जलापूर्ति योजनाओं की पंचायतीकरण/निजीकरण की नीतियों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  जिसके विरुद्ध वे ठेका मूलजम संघर्ष मोर्चा पंजाब के मंच पर विभिन्न सरकारी विभागों में सेवारत भर्ती व आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी रोजगार, सरकारी विभागों के निजीकरण/पंचायतीकरण की नीतियों को तत्काल रद्द करने सहित अपनी जायज व जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. लगातार

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