राजेश कुमार (चण्डीगढ) : गुडा, कसोली, माजरी के स्थानीय गांवों में मोटे अनाज के लाभों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए एक कार्यक्रम गांव गुडा में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीवनजोत ढिल्लों और डॉ. शिवानी बंसल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमने अपने मूल अनाज को बहुत पीछे छोड़ दिया गया है, जबकि मोटा अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होता है । उन्होंने कहा कि यह अनाज उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, कुपोषण, पेट की बीमारियों और अन्य कई बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि आज मोटे अनाज में जैसे बाजरा, कोधरा, कांगिनी, रागी, ज्वार आदि को अपने रोजाना के आहार में शामिल करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर आंगनबाडी सुपरवाइजर इंद्रजीत कौर ने बेटी-बेटे में भेद नहीं करने का संदेश देते हुए बेटियों की लोहड़ी को बेटों की तरह मनाने की अपील की । इस अवसर पर बालिकाओं को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर गांव की सरपंच करीमता, स्कूल के शिक्षक माखन सिंह, पी.जी.आई. पंजाब विश्वविद्यालय के सामाजिक विकास विभाग के डॉक्टरों और छात्रों की एक टीम और अन्य ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया गया थ
मोटा अनाज के फायदों के बारे में गुडा गांव के निवासियों को जागरूक किया गया।

