दिल्ली (09 JULY ) कोरोना की चुनौतियों के बीच सरकार अमरनाथ यात्रा को संपन्न कराने के लिए विकल्पों की तलाश में जुट गई है। पीएमओ में राज्यमंत्री जीतेंद्र सिंह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई।
एक दिन में 500 यात्रियों व केवल बालटाल रूट खोलने पर हो रहा विचार
जिन विकल्पों पर विचार किया गया, उनमें एक दिन में केवल 500 यात्रियों को अनुमति देने और यात्रा के लिए बालटाल रूट खोलने जैसे विकल्प शामिल है, लेकिन इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ और अंतिम फैसला अगले हफ्ते होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार 21 जुलाई से यात्रा प्रारंभ करने पर विचार कर रही है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अमरनाथ यात्रा को लेकर हुई बैठक में जीतेंद्र सिंह और गृह राज्यमंत्री जी कृष्ण रेड्डी के अलावा गृहमंत्रालय और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से बताया गया कि राज्य में कोरोना की स्थिति गंभीर बनी हुई है और लगभग 9000 हजार लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। इसके कारण राज्य के स्वास्थ्य कर्मियों को बड़े पैमाने पर कोरोना के इलाज में लगाया गया है।
यात्रा के दौरान यात्रियों के इलाज के लिए डाक्टरों की होगी कमी
गृहमंत्रालय ने भी यात्रा के दौरान यात्रियों के इलाज के लिए डाक्टरों की कमी का हवाला दिया। अर्द्धसैनिक बलों के डाक्टरों को भी विभिन्न कोरोना अस्पतालों में लगाया गया है। जबकि दुर्गम पहाड़ी रास्ते में यात्रा के दौरान यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जाहिर है यात्रियों की बड़ी संख्या की देखभाल के लिए पर्याप्त डाक्टरों को उपलब्ध कराना मुश्किल होगा।


























